Swati Pandit (MOMO)
मैं ‘गलती’ करूँ तब भी मुझे ‘सीने’ से लगा ले,
कोई’ ऐसा चाहिये, जो मेरा हर ‘नखरा’ उठा ले।
नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यों नही,
इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यों नही।
दुनिया फ़रेब करके हुनरमंद हो गई,
हम ऐतबार करके गुनाहगार हो गए।
एहसास-ऐ-मोहब्बत के लिए बस इतना ही काफी है,
तेरे बगैर भी हम तेरे ही रहते है।
हम उस तकदीर के सबसे पसंदीदा खिलौना हैं,
वो रोज़ जोड़ती है मुझे फिर से तोड़ने के लिए।
हुआ सवेरा तो हम उनके नाम तक भूल गए
जो बुझ गए रात में चरागों की लौ बढ़ाते हुए।
I
M
I
S
S
Y
O
U